बीकानेर के PBM अस्पताल में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने पर महा-संग्राम: स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर भड़के हनुमान बेनीवाल, बाहर कांग्रेसियों पर बरसी लाठियां
Uproar at Bikaner's PBM Hospital after the condition of women
Bikaner News: राजस्थान की सियासत में इन दिनों बीकानेर का पीबीएम अस्पताल (Bikaner PBM Hospital) चर्चा और विवाद का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. एक तरफ अस्पताल के भीतर सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) के बाद जिंदगी और मौत से जूझती प्रसूताएं हैं, तो दूसरी तरफ बाहर पुलिस की लाठियां और नेताओं की तीखी बयानबाजी. इस बेहद संवेदनशील मामले में आग में घी डालने का काम किया है प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर (Gajendra Singh Khimsar) के एक बयान ने. गुरुवार को मंत्री जी हालात सुधारने और मरहम लगाने पहुंचे थे, लेकिन उनके मुंह से निकले चंद शब्दों ने पूरे प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया है.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी 6 प्रसूताओं की हालत
इस पूरे विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई. बीकानेर के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) के बाद अचानक 6 महिलाओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई. इन प्रसूताओं में किडनी से जुड़ी गंभीर परेशानी सामने आने लगीं. मामले ने जब तूल पकड़ा, तो प्रशासन ने आनन-फानन में जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया और खुद चिकित्सा मंत्री हालात का जायजा लेने बीकानेर पहुंच गए.
'पैदल चलकर नाचती आई थीं या बीमार होकर?'
गुरुवार को जब चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अस्पताल के पोस्ट-कोविड आईसीयू वार्ड का मुआयना करने पहुंचे, तो मीडिया ने उनसे प्रसूताओं की बिगड़ती हालत और अस्पताल की व्यवस्था पर तीखे सवाल किए. सवालों से घिरे मंत्री जी बचाव की मुद्रा में आ गए और पास खड़े मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की तरफ इशारा करते हुए एक ऐसा बयान दे दिया, जो उनके गले की फांस बन गया. मंत्री ने कहा, 'आप बताओ इन्हें कि गर्भवती महिलाएं PBM में सीरियस आई थीं या नाचते-गाते आई थीं?'
हनुमान बेनीवाल बोले- 'सत्ता के मद में चूर मंत्री'
मंत्री का यह बयान जैसे ही कैमरे में कैद हुआ और वायरल हुआ, विपक्ष ने इसे हाथों-हाथ ले लिया. आरएलपी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'जिस व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हो, उससे ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती. यह मातृत्व और नारी सम्मान के प्रति भाजपा सरकार की सोच को उजागर करता है.' बेनीवाल ने कहा कि सत्ता के मद में चूर मंत्री जनता की पीड़ा का मजाक उड़ा रहे हैं. मुख्यमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़कर मंत्री से सार्वजनिक माफी मंगवानी चाहिए.
अस्पताल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बरसी लाठियां
जहां एक ओर बयानों के तीर चल रहे थे, वहीं पीबीएम अस्पताल के बाहर हालात बेकाबू हो चुके थे. मंत्री के दौरे के समय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और परिसर में घुसने की कोशिश करने लगे. जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. मुख्य द्वार पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भारी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई महिलाएं सड़क पर गिर गईं. पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भंवर कूकणा समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया.
अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा
लाठीचार्ज की इस घटना ने कांग्रेस को सरकार को घेरने का एक और बड़ा मौका दे दिया. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी नाकामी छिपाने और मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय विपक्ष की आवाज को लाठियों के दम पर दबाने की कोशिश कर रही है. फिलहाल, 6 प्रसूताओं की हालत गंभीर बनी हुई है और मामले की जांच जारी है.